शनिवार 17 अप्रैल 2021                   आज का शब्द – AUTHORISED | प्राधिकृत
GO
en-US|hi-IN
 

Brief Profile of Shri R.P. Srivastava, Director(Personnel &IR),CIL


श्री आर.पी. श्रीवास्तव

श्री आर.पी. श्रीवास्तव ने दिनांक 31.01.2018 को निदेशक (कार्मिक और औद्योगिक संबंध), कोल इंडिया लिमिटेड का प्रभार ग्रहण किये है । अपनी नियुक्ति से पूर्व, वे राष्ट्रीय इस्पात निगम, विशाखापत्तनम में कार्यकारी निदेशक (कॉर्पोरेट सेवा) के रूप में कार्यरत थे । उन्होंने एमडीआई गुड़गांव से प्रबंधन में स्नातकोत्तर डिप्लोमा किया है । श्री श्रीवास्तव ने 37 वर्ष पूर्व अपने व्यावसायिक करियर की शुरुआत, राष्ट्रीय इस्पात निगम लिमिटेड, विशाखापत्तनम स्टील प्लांट में मैनेजमेंट ट्रेनी (एडमिनिस्ट्रेशन) के रूप में किये थे । वे मानव संसाधन प्रबंधन में सभी क्षेत्रों में विशेषज्ञता रखते है और इस क्षेत्र के सभी नवीनतम डेवलॉपमेंट में अनुभव प्राप्त है, जिसमें संगठन संस्कृति को आकार देना, कर्मचारियों की संलग्नता में सुधार, आई.आर में सक्रियता, शिक्षण और विकास, संगठन विकास, ज्ञान प्रबंधन, TQM शामिल हैं । CIL के निदेशक (कार्मिक और औ.सं.), श्री श्रीवास्तव पूरे CIL के कार्मिकों की नीतियों के निर्माण और कार्यान्वयन के लिए उत्तरदायी हैं । वे दो और कंपनियों - वेस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड और सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड में निदेशक हैं । वे कोल माइंस प्रोविडेंट फंड ऑर्गनाइजेशन के न्यासी बोर्ड के भी सदस्य, राँची स्थित कोयला उद्योग में प्रतिष्ठित प्रशिक्षण संस्थान, इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ कोल मैनेजमेंट के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स तथा बोर्ड ऑफ ट्रस्टी के सदस्य और केंद्रीय सलाहकार अनुबंध श्रम बोर्ड, श्रम और रोजगार मंत्रालय, भारत सरकार के सदस्य हैं, ये सभी गतिविधियों उनके समृद्ध योगदान का प्रमाण है । उनके प्रयासों के कारण, लंबे समय से लंबित मुद्दों पर निर्णय लिया गया और उसे लागू किया गया है जिससे सीआईएल के कर्मचारियों और अन्य हितधारकों के बीच संतुष्टि प्राप्त हुआ – जैसे गैर-अधिकारी संवर्ग के कर्मचारियों के वेतन संशोधन को सुचारु रुप से लागू करना, निरंतर शांतिपूर्ण औद्योगिक संबंध, 01.01.2017 से अधिकारियों का वेतन संशोधन, 2007 के लंबित अधिकारियों के लिए निर्धारित अंशदायी पेंशन योजना का कार्यान्वयन, घातक खदान दुर्घटना में ठेका श्रमिकों के लिए अतिरिक्त एक्स-ग्रेटिया राशि को 15.00 लाख (अतिरिक्त और वैधानिक भुगतानों से अधिक) तक बढाना, लगभग अधिकारी वर्ग के 3,000 पदोन्नति के लंबित मामलों का निपटान, डॉक्टरों के भर्ती का विकेंद्रीकृत आदि में से कुछ है ।